किच्छा विधायक के पुत्र सौरभ बेहड़ पर हुए हमले के मामले में आया यह नया मोड़ काफी चौंकाने वाला है। पुलिस की जांच और अब तक की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
किच्छा (ऊधम सिंह नगर) से कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलक राज बेहड़ के बेटे सौरभ बेहड़ (जो स्वयं एक पार्षद भी हैं) पर 18 जनवरी 2026 की शाम को जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने सभी को हैरान कर दिया है।
घटना का घटनाक्रम
- वारदात: रविवार शाम को सौरभ बेहड़ अपनी स्कूटी से जा रहे थे, तभी बाइक सवार तीन नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें लात मारकर गिराया और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया।
- हालत: सौरभ को गंभीर चोटें आईं और उन्हें हल्द्वानी/रुद्रपुर के अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा।
- राजनीतिक माहौल: घटना के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था और उनके आवास पर भारी संख्या में समर्थकों की भीड़ जुट गई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी फोन पर विधायक से बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने जब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सौरभ के करीबी लोगों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो कहानी पूरी तरह बदल गई:
- स्व-निर्मित साजिश (Self-Conspiracy): पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि सौरभ बेहड़ ने स्वयं पर हमला करने की साजिश रची थी।
- मकसद: इसके पीछे का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक सहानुभूति बटोरना और अपनी छवि को “पीड़ित” के रूप में पेश कर राजनीतिक साख को मजबूत करना था।
- सस्ते में सौदा: खबर के अनुसार, हमला करने के लिए हमलावरों को महज ₹1,500 दिए गए थे।
- गिरफ्तारियां: पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में सौरभ के करीबी इंदर नारंग और हमले में शामिल तीन भाड़े के हमलावरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हमले में इस्तेमाल हथियार (तमंचे और चाकू) भी बरामद कर लिए हैं।
विधायक तिलक राज बेहड़ की प्रतिक्रिया
जैसे ही पुलिस ने साक्ष्यों के साथ यह खुलासा किया कि हमला पूर्व-नियोजित और खुद से करवाया गया था, विधायक तिलक राज बेहड़ के सुर बदल गए:
- उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और कहा कि उन्हें इस साजिश की भनक नहीं थी।
- उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करेगा और जो गलत है उसे सजा मिलनी चाहिए।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है और सौरभ बेहड़ की भूमिका की कानूनी पहलुओं से जांच की जा रही है। इस घटना ने क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ा विवाद पैदा कर दिया है, और विपक्षी दल अब कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।
