किच्छा। किच्छा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उत्तर प्रदेश के बरेली, पीलीभीत और रामपुर जिलों से जुड़े 8,000 से अधिक नाम कथित रूप से दर्ज होने का मामला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के किच्छा विधानसभा क्षेत्र के BLA-1 राजेश तिवारी ने इस मामले में निर्वाचन आयोग को आपत्तियां और संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए निष्पक्ष जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
राजेश तिवारी के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न बूथों पर BLA-2 द्वारा मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान ऐसे कई नाम सामने आए, जो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के संबंधित जिलों की मतदाता सूचियों के साथ-साथ किच्छा विधानसभा क्षेत्र की सूची में भी दर्ज हैं। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान 8,000 से अधिक ऐसे कथित दोहरे मतदाताओं का विवरण एकत्र किया गया है।
उन्होंने बताया कि संबंधित मतदाताओं के नाम, पिता/पति का नाम, विधानसभा क्षेत्र, बूथ संख्या, क्रमांक, आयु और EPIC नंबर समेत विस्तृत जानकारी तैयार कर ERO किच्छा को उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसके बाद 6 अगस्त को यह जानकारी जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड और भारत निर्वाचन आयोग को भी भेजी गई तथा आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा आपत्तियां वापस लेने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में नियम विरुद्ध दर्ज पाया जाता है, तो उसके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनका उद्देश्य किसी भी वास्तविक और वैध मतदाता को परेशान करना या उसका मताधिकार प्रभावित करना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म या वर्ग की परवाह किए बिना प्रत्येक वैध मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और कार्रवाई केवल जांच में नियम विरुद्ध दोहरी प्रविष्टि पाए जाने वाले मामलों में होनी चाहिए।
राजेश तिवारी ने निर्वाचन आयोग से मामले की विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की, ताकि मतदाता सूची को पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाया जा सके।

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