डबल वोट वाले मतदाताओं ने स्वयं स्वीकार की गलती, एक स्थान से नाम हटाने के लिए ERO कार्यालय पहुंचे

डबल वोट वाले मतदाताओं ने स्वयं स्वीकार की गलती, एक स्थान से नाम हटाने के लिए ERO कार्यालय पहुंचे

किच्छा। किच्छा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची के दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के बीच दो स्थानों पर नाम दर्ज पाए गए मतदाता अब स्वयं निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर एक स्थान से अपना नाम हटाने के लिए प्रार्थना पत्र देने लगे हैं।
इसी क्रम में कुरैया और दरऊ क्षेत्र के दर्जनों लोग निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं उपजिलाधिकारी किच्छा के कार्यालय पहुंचे। मतदाताओं ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर स्वीकार किया कि उनके नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। उन्होंने किसी एक स्थान से अपना नाम हटाने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।
गौरतलब है कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित रूप से दर्ज 8,184 डबल वोट के मामले को लेकर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने प्रेस वार्ता की थी। इसके बाद भाजपा के BLA-1 राजेश तिवारी ने निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज कराते हुए दो स्थानों पर नाम दर्ज मतदाताओं के मामलों की जांच और नियमानुसार एक स्थान से नाम हटाने की मांग की थी। दोष पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
मामले के सार्वजनिक होने के बाद अब दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के दौरान संबंधित मतदाताओं के स्वयं निर्वाचन कार्यालय पहुंचने से इस प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि कई मतदाता मतदाता सूची को दुरुस्त कराने और संभावित कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से स्वयं आगे आ रहे हैं।
उपजिलाधिकारी किच्छा गौरव पांडे ने बताया कि 13 अगस्त के बाद दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए संबंधित लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। दो स्थानों पर नाम पाए जाने वाले कुछ लोग स्वयं कार्यालय पहुंचकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं और एक स्थान से नाम हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दो स्थानों पर नाम दर्ज होने के मामलों की जांच संबंधित दस्तावेजों एवं अभिलेखों के आधार पर की जाएगी और नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण की कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ अब संबंधित मतदाताओं के स्वयं सामने आने से सूची में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।