किच्छा: बजट 2026 पर स्थानीय विश्लेषण

किच्छा: बजट 2026 पर स्थानीय विश्लेषण

केंद्रीय बजट 2026 के पेश होने के बाद किच्छा (ऊधम सिंह नगर) के विभिन्न वर्गों में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। यहाँ स्थानीय स्तर पर व्यापार मंडल, राजनीतिक नेताओं और आम जनता के विचारों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है:

1. व्यापारियों का नजरिया (Trade Sector)

किच्छा के मुख्य बाजारों और व्यापार मंडलों ने बजट को ‘स्थिरता वाला बजट’ बताया है, लेकिन कुछ मायूसियाँ भी जताई हैं:

  • MSME को राहत: छोटे उद्यमियों (MSME) के लिए ऋण नियमों में सरलता और ₹53.47 लाख करोड़ के कुल व्यय आवंटन का स्वागत किया गया है। व्यापारियों का मानना है कि इससे स्थानीय लघु उद्योगों को संजीवनी मिलेगी।
  • जीएसटी और टैक्स: स्थानीय व्यापारियों (जैसे किच्छा व्यापार मंडल के सदस्यों) का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में वृद्धि की उम्मीद कम है, जिससे रिटेल बाजार में मंदी का डर बना रह सकता है।
  • सोना-चांदी व्यापारी: सर्राफा व्यापारियों ने सोने-चांदी की कीमतों में स्थिरता की उम्मीद जताई है, हालांकि वे आयात शुल्क में और अधिक कटौती की उम्मीद कर रहे थे।

2. राजनीतिक प्रतिक्रिया (Political Reactions)

किच्छा और ऊधम सिंह नगर के नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली:

  • सत्ता पक्ष (भाजपा): स्थानीय भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समर्थकों ने इसे ‘विकसित भारत’ का रोडमैप बताया। उन्होंने बजट में उत्तराखंड के लिए “इको-टूरिज्म” और “माउंटेन ट्रेल्स” के विशेष उल्लेख को किच्छा जैसे तराई क्षेत्रों के लिए भी पर्यटन हब के रूप में कनेक्टिविटी बढ़ने का आधार बताया।
  • विपक्ष (कांग्रेस/अन्य): विपक्षी नेताओं ने इसे ‘महंगाई बढ़ाने वाला’ करार दिया। उनका तर्क है कि किसानों के लिए ‘किसान सम्मान निधि’ में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई और बेरोजगारी दूर करने के लिए किच्छा जैसे औद्योगिक बेल्ट (सिडकुल के पास) के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं मिला।

3. किसानों और युवाओं की राय

  • किसान वर्ग: किच्छा एक कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहाँ के किसानों ने उर्वरक सब्सिडी और कृषि बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने के वादे पर संतोष जताया, लेकिन धान-गेहूं के MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर ठोस गारंटी न मिलने से कुछ किसान संगठन नाराज दिखे।
  • युवा और छात्र: डिजिटल लाइब्रेरी और नए ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ की घोषणा से युवा उत्साहित हैं, लेकिन सरकारी नौकरियों की संख्या पर स्पष्टता न होने से रोजगार के मोर्चे पर निराशा है।

4. प्रमुख बिंदु: क्या महंगा, क्या सस्ता?

किच्छा के स्थानीय बाजारों में चर्चा के मुख्य विषय:

  • सस्ता: मोबाइल फोन पार्ट्स, लिथियम बैटरी, और कुछ कैंसर की दवाएं।
  • महंगा: शराब, सिगरेट और कुछ आयातित मशीनरी।

विशेष नोट: किच्छा के व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि तराई क्षेत्र में जल-भराव की समस्या और सिडकुल (Pantnagar) से जुड़ी स्थानीय कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए अलग से बजट प्रावधान किए जाएं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *