विधायक तिलकराज बेहड़ के पुत्र और यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सौरभ बेहड़ पर हुए हमले के मामले में किच्छा और पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुछ दिन पूर्व किच्छा के पास अज्ञात हमलावरों ने सौरभ बेहड़ की गाड़ी को रोककर उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था। हमलावरों ने उनके वाहन को क्षति पहुँचाई और उन्हें गंभीर धमकियाँ दीं। सौरभ बेहड़ इस हमले में बाल-बाल बचे, लेकिन घटना के बाद से ही उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा है।
प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षा
- गनर की तैनाती: हमले की गंभीरता और सौरभ बेहड़ की जान को खतरे को देखते हुए, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तत्काल प्रभाव से उन्हें एक पर्सनल गनर (Personal Gunner) आवंटित किया है।
- पुलिस जाँच: पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
स्थानीय व्यापार मंडल और जनता का आक्रोश
इस घटना के विरोध में किच्छा के स्थानीय व्यापार मंडल और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है:
- बाजार बंदी का अल्टीमेटम: व्यापार मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर मुख्य हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे पूरे किच्छा बाजार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे।
- प्रदर्शन: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कोतवाली का घेराव किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ढीली कार्रवाई कर रही है।
तिलकराज बेहड़ का बयान
विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस घटना को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा:
“मेरे परिवार को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम झुकेंगे नहीं। अगर पुलिस ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेंगे।”
वर्तमान में किच्छा में पुलिस बल तैनात है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। बाजार फिलहाल खुला है, लेकिन व्यापारियों के अल्टीमेटम के कारण प्रशासन पर भारी दबाव है।
