अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किया योग का संदेश प्रसारित

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किया योग का संदेश प्रसारित

किच्छा। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने क्षेत्र में आयोजित विभिन्न योग कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए लोगों को योग के प्रति जागरूक किया और स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने अपने कार्यक्रमों की शुरुआत देवरिया स्थित पाल सुमेरा कॉलोनी में पतंजलि महिला समिति द्वारा आयोजित योग दिवस समारोह से की। इस अवसर पर समिति की जिला प्रभारी बहन हंसी बिष्ट ने उन्हें योग साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात उन्होंने भारतीय जनता पार्टी किच्छा नगर मंडल के सहयोग से सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में भारतीय योग संस्थान द्वारा आयोजित योग शिविर में सहभागिता कर योगाभ्यास किया तथा उपस्थित जनसमूह को योग के महत्व से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में योगेन शिक्षा समिति द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम में भी सहभागिता की।


कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने क्षेत्रवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि “करें योग, रहें निरोग” केवल एक नारा नहीं बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान प्राप्त की है। आज विश्व के 175 से अधिक देश योग को अपनाकर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड योग और आध्यात्मिक साधना की पावन भूमि है। योग व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा को संतुलित कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नियमित योगाभ्यास मानसिक तनाव को कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचाव में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रमों के दौरान योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। इनमें ग्रीवा चालन, स्कंध चालन, कटि चालन, जानु चालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, दण्डासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन तथा शवासन शामिल रहे। इसके साथ ही कपालभाति, नाड़ी शोधन, शीतली एवं भ्रामरी प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया।
योग दिवस कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, योग प्रशिक्षकों एवं नागरिकों ने भाग लिया तथा योग के माध्यम से स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।